संयुक्त विपक्ष ने बृहस्पतिवार को असम विधानसभा में अध्यक्ष के आसन के समीप आकर हंगामा किया और विभिन्न मुद्दों पर तख्तियां दिखाईं जिससे राज्यपाल जगदीश मुखी बजट सत्र के पहले दिन अपना भाषण संक्षिप्त रखने के लिए बाध्य हुए। 

94 पन्नों के भाषण में महज तीन मिनट के बाद ही मुखी को अंतिम पैराग्राफ पढ़ने के लिए बाध्य होना पड़ा क्योंकि कांग्रेस और एआईयूडीएफ सहित विपक्ष सदन में उनके संबोधन को लगातार बाधित कर रहा था। सदन में शुक्रवार को 2021-22 के लिए लेखानुदान पेश किया जाएगा। 

विधानसभा का सत्र तीन दिनों का है। जिस समय मुखी ने भाजपा नीत गठबंधन के सुशासन के बारे में पढ़ना शुरू किया तभी विपक्षी सदस्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने विभिन्न मुद्दों पर तख्तियां दिखाईं और अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए। 

राज्यपाल का भाषण जारी रखने के साथ विधायकों ने मुखी का ध्यान आकर्षित करने के लिए नारेबाजी जारी रखी। राज्यपाल के सदन से जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने सूचित किया कि भाषण को पढ़ा हुआ माना जाए।