करीमगंज जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने आज एक ड्रग तस्कर को करीब 1000 याबा टैबलेट के साथ गिरफ्तार किया है। करीमगंज में बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट विवेक मिश्रा ने बताया कि गोलियों की बाजार कीमत करीब पांच लाख है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एक संदिग्ध ऑटो रिक्शा करीमगंज की ओर आ रहा था और मुबारकपुर बीओपी से करीब 300 मीटर दूर अलोंजुरी इलाके के पास एनएच-37 पर बीएसएफ के जवानों ने उसे रोक लिया। तलाशी लेने पर याबा की गोलियां मिलीं और चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी सूचना तत्काल करीमगंज थाने को दी गई। गिरफ्तार व्यक्ति अलोंजुरी के शहीदुर रहमान को टैबलेट, ऑटो और एक मोबाइल फोन के साथ करीमगंज सदर थाने को सौंप दिया गया।


आपको बता दें कि याबा एक लाल रंग की ड्रग्स होती है। इसे WY भी कहते हैं। इसका एक नाम पागलपन की दवा(madness drug) भी कहा जाता है। इस ड्रग्स को म्यांमार में बनाया जाता है। फिर इसे भारत के अलावा लाओस, थाइलैंड के अलावा दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश आदि भेज दिया जाता है। आमतौर पर यह दवा पहाड़ी घोड़ों की दी जाती है,  ताकि वे उन्माद में बिना रुके पहाड़ चढ़ते जाएं। यानी उन्हें होश ही न रहे। म्यांमार में 20 ग्राम से अधिक याबा मिलने पर उम्रकैद या मौत की सजा तक दी जाती है।