नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने सोमवार को असम भवन तक विरोध मार्च निकाला, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पार्टी नेता राहुल गांधी को निशाना बनाने वाली पिता-पुत्र टिप्पणी की निंदा की गई। कांग्रेस से जुड़े एनएसयूआई ने सरमा के तत्काल इस्तीफे की मांग की। मार्च यहां एनएसयूआई मुख्यालय से असम भवन की ओर शुरू हुआ। छात्रों को असम के मुख्यमंत्री के पुतले पर काली स्याही रगड़ते देखा गया।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव नीतीश गौड़ ने कहा ने कहा कि हम असम के सीएम की टिप्पणी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हमने आज एनएसयूआई मुख्यालय से असम भवन तक एक मार्च निकाला। असम के सीएम द्वारा की गई टिप्पणी एक महिला का अपमान है और इस तरह की सोच वाले मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। सरमा की टिप्पणी की निंदा करते हुए गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बहुत ही अपमानजनक टिप्पणी की है। यह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का अपमान है।

आपको बता दें कि सरमा ने हाल ही में सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने पर राहुल गांधी पर हमला किया था। उन्होंने गांधी से पूछा था कि क्या भाजपा ने कभी उनके पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे होने का सबूत मांगा था। सरमा की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस उन पर हमलावर हो चुकी है। सरमा ने एक ट्वीट में कहा, क्या हमारे महान सशस्त्र बलों के साथ खड़ा होना गलत है? उनकी देशभक्ति पर सवाल न उठाएं। उन्होंने देश के लिए जो किया उसका सबूत मत मांगो।