असम के वित्त मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि यदि उच्चतम न्यायालय अनुमति देता है तो राज्य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू की जायेगी। 

असम में पिछले वर्ष एनआरसी की सूची जारी की गई थी जिसमें राज्य में रहने वाले 19 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं था। शर्मा यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व एनआरसी राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने जो एनआरसी तैयार किया है वह मौलिक रूप से गलत है। उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष हजेला को मध्य प्रदेश स्थांतरित भी कर दिया था। 

उन्होंने कहा, वह प्रतीक हजेला ही था, जिसने इस तरह से पूरे एनआरसी प्रक्रिया में हेरफेर किया था जिसने चोर को ही पुलिस बन दिया था। वर्ष 2021 विधानसभा चुनावों के बाद यदि सुप्रीम कोर्ट अनुमति देता है तो एनआरसी की पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाएगा। मंत्री ने कहा, भाजपा के नेतृत्व वाली असम सरकार ने एनआरसी में शामिल नामों की फिर से जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से पहले ही अनुमति मांग ली है। राज्य सरकार ने सूची में शामिल नामों की फिर से जांच करने की मांग की है जिसमें से बीस प्रतिशत नाम सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों के हैं।