राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मणिपुर में एक हमले में हुई असम राइफल्स के एक अधिकारी की हत्या के मामले में उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी/रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट के एक स्वयंभू लेफ्टिनेंट को गिरफ्तार किया है। एनआईए के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मणिपुर के काकचिंग जिला निवासी 32 वर्षीय मायंगलबम सिरोमणि को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। हमले के बाद यह उग्रवादी भारत से भागकर म्यांमा चला गया था।

मामला 15 नवंबर 2017 को मणिपुर के चंदेल में चमोल-साजिक तंपक मार्ग पर असम राइफल्स की चौथी बटालियन की ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ पर घात लगाकर किए गए हमले से जुड़ा है जिसमें बल का एक अधिकारी शहीद हो गया था और एक अन्य घायल हो गया था। हमले के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में दो उग्रवादी भी मारे गए थे। एनआईए के अधिकारी ने बताया कि सिरोमणि असम राइफल्स की ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ पर किए गए हमले की साजिश रचने में शामिल था।

उन्होंने कहा कि उसके फरार रहने के दौरान तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था। उसे भगोड़ा घोषित किया गया था और उसकी गिरफ्तारी कराने में सहायता करने वाली सूचना देने के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। अधिकारी ने बताया कि यह उग्रवादी म्यांमा स्थति पीपुल्स लिबरेशन आर्मी/रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट की 252वीं मोबाइल बटालियन का सक्रिय सदस्य था।

उन्होंने कहा कि सिरोमणि हमले के बाद सह-आरोपी के साथ म्यांमा भाग गया था। उसे इंफाल स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अधिकारी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।