असम में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन में संलिप्तता माने जाने वाले किसान नेता अखिल गोगोई की जमानत याचिका एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के स्पेशल जज प्रांजल दास ने गोगोई की जमानत याचिका खारिज कर दी। एनआईए गोगोई के खिलाफ दो मामलों की जांच कर रही है। उनमें से एक में उनके खिलाफ कई धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) कानून में मामला दर्ज किया गया है।
किसान नेता अखिल गोगोई के वकील शांतनु बरठाकुर ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि चांदमारी थाने में दर्ज प्राथमिकी के मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। हम फैसले का विस्तार से अध्ययन करेंगे और याचिका खारिज किए जाने की वजह पता करेंगे। उसके आधार पर हम अगले सात दिनों में हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
कृषक मुक्ति संग्राम समिति के प्रमुख को कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती देख गोगोई को पुलिस ने 12 दिसम्बर को जोरहाट में एहतियाती कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन उनके तीन सहकर्मियों को भी हिरासत में लिया गया था।
केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 14 दिसंबर को जारी एक आदेश के बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए शुरुआत में चांदमारी थाने और चाबुआ थाने में दर्ज मामलों की जांच कर रही है। दोनों हिंसक प्रदर्शन में गोगोई और उनके साथियों की भूमिका के बारे में है।