गुवाहाटी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने असम-मिजोरम बॉर्डर (Assam-Mizoram border) पर स्कूल के पास हुए धमाके के मामले में 3 आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली है। दरअसल, ये धमाके इसी साल 13 अगस्त को असम (Assam) के पाकुआ पूंजी एलपी स्कूल के पास और दिलावर हुसैन मजूमदार नाम के शख्स के घर के पास अंजाम दिए गए थे। मंगलवार को तलाशी ली गई है। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई। मामले में आगे की जांच जारी है।

हैलाकांडी में धमाका 13 अगस्त को मध्यरात्रि में साहेबमारा इलाके में हुआ था, जिससे राज्य सीमा के नजदीक स्थित प्राथमिक विद्यालय का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि घटना को अंजाम देने वाले संदिग्ध उपद्रवी राज्य सीमा की दूसरी ओर से आए थे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने कहा था कि वह मिजोरम के अपने समकक्ष को पत्र लिखकर धमाके की जांच करने का आग्रह करेंगे। घटना हमारे इलाके में हुई है और असम पुलिस (Assam) मामले की जांच करेगी।

कत्लीछेरा से एआईयूडीएफ विधायक सुज़ामउद्दीन लश्कर (AIUDF MLA Suzamuddin Lashkar) ने आरोप लगाया था कि मिजोरम के लोगों ने हैलाकांडी के चुन्नीनाला इलाके में सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया है। उन्होंने असम सरकार (Assam government) से इस मामले में तत्काल कदम उठाने की मांग की थी। लश्कर ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार की निष्क्रियता की वजह से सीमा विवाद नाजुक स्थिति में पहुंच गया है।

असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद (Border dispute between Assam and Mizoram) 26 जुलाई को हिंसक हो गया था जिसमें असम पुलिस के छह जवानों सहित कुल सात लोगों की मौत कछार जिले में झड़प के दौरान हो गई थी। इसके बाद दोनों राज्यों में एक दूसरे के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। मिजोरम पुलिस ने यहां तक असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा के खिलाफ भी मामला दर्ज कर दिया था।

असम के बराक घाटी के जिलों कछार, करीमगंज और हैलाकांडी मिजोरम के तीन जिलों आइजोल, कोलासिब और मामित के साथ 164 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। 1971 में वर्षों के उग्रवाद के बाद एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बनाए जाने से पहले मिजोरम असम का एक जिला था। उसके बाद सीमा का मुद्दा इसको लेकर उठा कि सीमा कहां होनी चाहिए क्योंकि इस बारे में धारणाएं अलग-अलग थीं। मिजोरम (Mizoram) जहां चाहता है कि यह 1875 में अधिसूचित इनर लाइन के साथ होनी, जिसे मिजो आदिवासी मानते हैं कि यह उनकी ऐतिहासिक मातृभूमि का हिस्सा है, असम चाहता है कि इसे बहुत बाद में किए गए जिले के सीमांकन के अनुसार सीमांकित किया जाए।