NHPC लिमिटेड ने कहा कि गेरुकामुख में 2,000 मेगावाट की निचली सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना अगले साल अगस्त तक चालू हो जाएगी। NHPC की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब AASU और AJYCP सहित विभिन्न समूहों ने असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर मेगा-डैम के निर्माण के खिलाफ नए सिरे से विरोध प्रदर्शन किया।

NHPC के अधिकारियों ने कहा कि बांध की सभी आठ इकाइयां अगस्त 2023 तक चालू हो जाएंगी। NHPC के सीएम एके सिंह (CM AK Singh) ने ऊर्जा पर संसदीय स्थायी समिति (2021-22) को आश्वासन दिया कि परियोजना के प्रमुख घटक नियत समय में तैयार हो जाएंगे ताकि परियोजना की दो इकाइयां (500 मेगावाट) अगस्त 2022 तक चालू हो जाएं।

राजीव रंजन (Rajiv Ranjan) की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने मंगलवार को परियोजना का दौरा किया। NHPC ने बुधवार को एक बयान में कहा कि समिति ने परियोजना टीम के काम और अब तक की प्रगति की सराहना की। परियोजना के कार्यकारी निदेशक, विपिन गुप्ता ने समिति को कोविड-19 और इससे जुड़ी बाधाओं और अचानक बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के कारण आने वाली कठिनाइयों के बावजूद परियोजना को पूरा करने के लिए की गई निर्बाध निर्माण गतिविधियों से अवगत कराया।

2010 में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU), कृषक मुक्ति संग्राम समिति (KMSS), और TMPK सहित बांध विरोधी संगठनों के विरोध के बाद परियोजना स्थल पर काम रुक गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सिफारिशों के बाद, 15 अक्टूबर, 2019 को परियोजना पर काम फिर से शुरू हुआ।