नगांव के एसपी आनंद मिश्रा को असम पुलिस मुख्यालय में स्थानांतरित करने के कुछ घंटों बाद उनकी मीडिया ब्रीफिंग पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि एसपी को टिप्पणी करने की जरूरत नहीं थी।

आपको बता दें कि पुलिस फायरिंग में एक पूर्व छात्र नेता घायल हो गया था। जिसके बाद एक  सदस्यीय जांच पैनल का गठन किया गया था। जिसकी नगांव के एसपी आनंद मिश्रा ने आलोचना की थी।  मीडिया को जानकारी देते हुए मिश्रा ने फायरिंग की घटना में कथित रूप से शामिल आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर निराशा व्यक्त की।

इस मामले पर बोलते हुए, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा: “उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, जांच कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में उनके खिलाफ कुछ भी नहीं बताया है. लेकिन एसपी का प्रेस कांफ्रेंस बुलाना और रिपोर्ट की आलोचना करना अच्छा नहीं लगता।

सीएम सरमा ने कहा, "पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त होने की जरूरत है और निर्दोष लोगों के खिलाफ भी विनम्र होने की जरूरत है।"

 उन्होंने कहा पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन इस प्रक्रिया में, निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता ।"

इससे पहले बुधवार को एसपी आनंद मिश्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस फायरिंग में घायल हुए पूर्व छात्र नेता कीर्ति कमल बोरा के पास से ड्रग बरामद हुआ है। 

आपको बता दें कि असम सरकार ने 23 जनवरी को नागांव के कचोलुखोवा तिनियाली में एंटी नारकोटिक स्क्वॉड के पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गोलीबारी की घटना की जांच के लिए 23 जनवरी को एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था। पुलिस फायरिंग में नगांव कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व महासचिव कीर्ति कमल बोरा घायल हो गए थे ।

गृह विभाग ने डीजीपी ने असम को एसपी द्वारा गठित एंटी नारकोटिक स्क्वाड के वर्तमान स्वरूप को भंग करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया।

एसपी मिश्रा ने बुधवार को कहा कि भले ही एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड को भंग कर दिया गया हो, फिर भी नगांव पुलिस ड्रग्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और अवैध ड्रग व्यापार में शामिल सभी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.