असम में कांग्रेस के दो विधायक और बोडो संगठन के एक वरिष्ठ नेता विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए। असम के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री और गोलाघाट की कांग्रेस विधायक अजंता निओग, कांग्रेस के लखीपुर विधायक राजदीप गोवाला और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के नेता बोलेंद्र मुशाहेरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रणजीत कुमार दास और मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में सत्ताधारी दल में शामिल हो गए।

मुशाहेरी बीपीएफ के पूर्व विधायक हैं, जोकि 2016 से बीजेपी के सहयोगी है। वहीं गोवाला विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष रहे हैं। दो विधायकों के पार्टी छोड़ने और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और पूर्व स्पीकर प्रणब गोगोई के निधन के साथ ही कांग्रेस की विधानसभा में विधायकों की संख्या घटकर 20 रह गई है।

शनिवार और रविवार को गुवाहाटी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान निओग और गोवाला ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने निओग को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दल से निष्कासित कर दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं का बाहर होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है।

बीजेपी में शामिल होने के बाद निओग ने कहा, ‘कांग्रेस एक ‘नेताहीन और दिशाहीन’ संगठन है जो एक प्राइवेट लिमिटेड पार्टी की तरह काम करती है।’ उन्होंने असम में मुस्लिम बहुल पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ कांग्रेस के जुड़ाव की भी निंदा की।

नए बीजेपी सदस्यों का स्वागत करते हुए, सरमा ने कहा, 'कांग्रेस की नेता अजंता निओग बीजेपी में शामिल हुई हैं। उनके आने से पार्टी का संगठन मजबूत होगा। उनका राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव हमें पूरे असम में मदद प्रदान करेगा। राजदीप गोवाला का बीजेपी में शामिल होने से भी पार्टी को मजबूती मिलेगी।' सरमा बीजेपी के नेतृत्व वाले कांग्रेस-विरोधी गठबंधन, नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक हैं।