गुवाहाटी । राज्य में फिर से नागरिकता संशोधन कानून (का) विरोधी आंदोलन शुरू हो गया है। नेसो की अगुवाई में शुक्रवार को असम सहित पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में का विरोधी आंदोलन शुरू करते हुए विभिन्न संगठनों ने काले झंडे और काले बैनरों का प्रदर्शन किया। 

नेसो नेता डॉ. समुज्वल भट्टाचार्य ने कहा कि 11 दिसंबर का दिन काला दिवस के रूप में मनाया गया है। शुक्रवार को नेसो और आस ने राज्यभर में का के विरोध में काला झंडा फहराया और काले बैनरों का प्रदर्शन किया। यहां उजान बाजार स्थित शहीद न्यास में भी आसू की गुवाहाटी इकाई ने काला झंडा फहराया और इलाके को काले बैनरों से पाट दिया।

नेसों में शामिल आसू, अखिल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (एएपीएसयू), खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू), मिज़ो ज़िरलाई पावल (एमजेडपी), गारों स्टूडेंट्स यूनियन (एजीएसयू), नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ), ट्विपरा स्टूडेंट फेडरेशन (टीएसएफ), ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन (एएमएसयू) ने भी का के रद्द न होने तक पूरे पूर्वोत्तर में अपना आंदोलन जारी रखने की कसम खाई है।

मालूम हो कि समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र में नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 के खिलाफ व्यापक विरोध के बावजूद विवादास्पद कानून पिछले साल 11 दिसंबर को संसद में पारित किया गया था। पिछले साल दिसंबर में का विरोधी आंदोलन के दौरान असम में पांच युवाओं की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

दूसरी ओर, कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) और कुछ अन्य संगठनों ने भी असम के शिवसागर जिले से नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू कर दिया है।