असम सरकार ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। अपने बेटे की की मृत्यु के बाद मृतक एक माँ ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से राज्य में नशीली दवाओं के खतरे को समाप्त करने के लिए कदम उठाने की अपील की है।

हाल ही में असम के बस्का जिले के मशालपुर के रहने वाले 27 वर्षीय मनोज डेका की हाल ही में ड्रग ओवरडोज के कारण मृत्यु हो गई। डेका का शव मशालपुर के बारामा इलाके में एक पेट्रोल पंप के शौचालय से बरामद किया गया।

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मृतक युवक के पास से दो इंजेक्शन व एक खाली कंटेनर बरामद किया गया है। मनोज डेका की मां ने आरोप लगाया कि उनका बेटा इलाके में आसानी से नशीले पदार्थों की उपलब्धता के कारण नशा छोड़ने में विफल रहा।

टीनू डेका ने कहा, मैंने उसे एक दो बार रोका था लेकिन उसने कभी मेरी एक नहीं सुनी। उन्हें इलाज के लिए पुनर्वास केंद्र भी भेजा गया था, लेकिन वह ड्रग्स लेना छोड़ने में नाकाम रहा । मैंने अपना बेटा खो दिया लेकिन मैं नहीं चाहती कि दूसरी मांएं भी अपने बेटों को खोएं। असम से नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए सरकार को कुछ करना चाहिए। यदि वे कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो राज्य ड्रग्स के कारण बर्बाद हो जाएगा। 

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मनोज के पिता ने कहा, 'आजकल नई पीढ़ी के बीच नशा एक गंभीर समस्या है। हमारे क्षेत्र में कई नशेड़ी और तस्कर हैं। यहां आसानी से दवा उपलब्ध हो जाती है। यही कारण था कि मेरा बेटा नशा नहीं छोड़ सका। मेरा बेटा चला गया है, और अब, मैं पूरी रात उसकी तस्वीर हाथ में लिए रोता हूं। मैं असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से अनुरोध करता हूं कि राज्य में नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए कुछ करें। मैं उनका बहुत आभारी रहूँगा।