पुणे। शिवसेना के 55 विधायकों में से कम से कम 48 पहुंच के बाहर हैं। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे अपने 'वफादार' 40 विधायकों के साथ बुधवार की सुबह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य असम के गुवाहाटी पहुंचे हुए हैं। सुबह लगभग 11.30 बजे, शिवसेना सांसद संजय राउत ने मराठी में ट्वीट किया जिसका मोटे तौर पर अनुवाद है, 'महाराष्ट्र में राजनीतिक विकास की यात्रा विधानसभा को बर्खास्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।' 

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महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के संकट के बीच तेजी से बदलते परिदृश्य में दिन में एक और बड़ा विकास हुआ, क्योंकि एमवीए सरकार के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने अपने ट्विटर बायो से अपने 'मंत्री प्रोफाइल' को हटा दिया। इसके बाद भविष्य की राजनीति की अटकलें लगाई जा रही हैं। सुबह साढ़े छह बजे गुवाहाटी हवाईअड्डे पर उतरने के बाद शिंदे ने संवाददाताओं से बातचीत की। 

उन्होंने दावा किया कि उनके पास शिवसेना के 40 और छह निर्दलीय विधायकों का समर्थन है और वह बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, 'हमने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को नहीं छोड़ा है और न ही छोड़ेंगे।' शिंदे ब्रिगेड का स्वागत भाजपा नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास ने किया। गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में डेरा डाले हुए शिवसेना के बागी विधायक अपनी अगली कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रहे हैं। 

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सूत्रों ने कहा कि शिंदे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकार बनाने के लिए अपनी ताकत दिखाने के वास्ते एक बैठक बुलाने को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि विधायक असम के होटल में तीन दिनों तक रुक सकते हैं। पर एक बार शिंदे के पास सरकार बदलने के लिए पर्याप्त संख्या होने के बाद परिदृश्य बदल भी सकता है। 

ऐसी खबरें थीं कि शिंदे शाम तक गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई से मिलने के लिए एक विशेष उड़ान ले सकते हैं। गौरतलब है कि बुधवार को कोश्यारी के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के बाद पिल्लई को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि श्री पिल्लई ने पहले ही शिंदे को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए अपनी सहमति दे दी है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये विद्रोही नेता सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दिखा सकते हैं।