हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को असम के 15वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही कई अन्य नेता भी मौजूद थे। सरमा को असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने शपथ दिलाई। 2 मई को असम चुनाव के नतीजों में बीजेपी को लगातार दूसरी बार जीत मिली थी। सरमा के साथ ही 13 अन्य विधायकों ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। रविवार को नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्वा सरमा सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए थे। 

नए मंत्रियों की सूची में असम बीजेपी चीफ रंजीत कुमार दास, चंद्र मोहन पटवारी, परिमल शुक्ला बैद्य, रोनोज पेगु, संजय किशन, जोगन नोहन, अजंता नेयोग, अशोक सिंघल, पिजुष हजारिका, बिमल बोरा शामिल है। ये सभी बीजेपी विधायक हैं। इनके अलावा गठबंधन की पार्टी असम गण परिषद के अतुल बोरा और केशव महानता को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल के उरखाव ग्वारा ब्रह्मा को भी शामिल किया गया है। अतुल बोरा, परिमल शुक्लबैद्य, चंद्रमोहन पटवारी, केशव महानता, संजय किशन, जोगन मोहन और पिजूष हजारिका जहां सर्बानंद सोनोवाल के कैबिनेट में भी शामिल थे तो वहीं इनके अलावा बाकी सभी चेहरे नए हैं। 

अगले कुछ दिनों में सभी को मंत्रालय बांट दिए जाएंगे। इसके अलावा यह भी खबर है कि जल्द ही सरमा अपने कैबिनेट का विस्तार करेंगे और चार अन्य मंत्रियों को शामिल करेंगे। बीजेपी चीफ जेपी नड्डा के साथ ही शपथग्रहण समारोह में नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी समारोह में मौजूद थे। हिमंत बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी, 1969 को हुआ। उनके पिता का नाम कैलाश नाथ सरमा और मां का नाम मृणालिनी देवी है। सरमा ने गुवाहाटी के कामरुप एकैडमी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की और फिर गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की। सरमा ने 1996 से 2001 के बीच गुवाहाटी हाई कोर्ट में लॉ की प्रैक्टिस भी की थी। सरमा ने पहली बार गुवाहाटी के जालुकबाड़ी से सनु 2001 में चुनाव लड़ा। उन्होंने यहां असम गण परिषद के नेता भृगु कुमार फुकान को हराया और उसके बाद से आज तक सरमा इस सीट पर जीत दर्ज करते आए हैं।