किसी राज्य की अर्थव्यवस्था वहां के घरेलु उद्योगों पर काफी निर्भर होती है। इसको बढ़ावा देने के लिए राज्य व केंद्र सरकार (central government) सदैव तत्पर हैं। असम (assam) में भी कैबिनेट मंत्री तुलीराम रोंगहांग (Tuliram Ronghang) छोटी लघु इकाइयों की आर्थिक मदद करके उनको आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।

कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) के मुखिया तुलीराम रोंगहांग (Tuliram Ronghang) करबियांगलोंग के सबसे प्रभावशाली शख्स हैं। 30 सितंबर को ही उन्होंने इंगलोंगचेरोप, दीफू में बुनकर वर्कशेड का उद्घाटन किया।

इसके जरिए उनका मकसद घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है। समारोह के दौरान बुनकरों को आर्थिक मदद भी दी गई। कुछ दिन पहले उनके नेतृत्व में एक बैठक हुई थी। जिसमें कार्बी अंगलों व वेस्ट कार्बी अंगलोंग जिले में पत्रकारों व लेखकों के बीमे को फाइनल करने पर बात हुई। इसके फाइनल होने के बाद पत्रकारों व लेखकों का बीमा कराया जाएगा। इसके लिए एक स्क्रीननिंग कमेटी का गठन किया गया है।

तुलीराम रोंगहांग कभी छुट्टी पर नहीं रहते। उन्होंने असम में राजनीतिक परिदृश्य को सकारात्मक रूप से बदल दिया है। उन्होंने छोटी उम्र में ही एक भारतीय राजनेता के रूप में कार्य किया है। 17 अक्टूबर 2013 को उन्होंने केएएसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य का पदभार ग्रहण किया था। तुलीराम का झुकाव खेलों की तरफ भी काफी है। इसके अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि वह इस समय असम बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष (President of Assam Badminton Association) होने के साथ ही असम ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष (Vice President of Assam Olympic Association) भी हैं। उनके हाथ में कार्बी आंगलोंग स्पोर्ट एसोसिएशन की भी कमान है।

वह नए खिलाड़ियों को हमेशा बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। देश में ओलंपिक खेलों के लिए अपने जिले और असम (Assam) की पहचान हासिल करने के लिए वह कड़ी मेहनत करते हैं। इस भागदौड भरी जिंदगी में वह अपनी फिटनेस का भी काफी ख्याल रखते हैं। उन्होंने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, खेल और लोगों के कल्याण के लिए काफी प्रयास किए हैं। कोरोना काल में उन्होंने दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके अपने निजी प्रयासों से हजारों प्रवासी कामगारों की मदद की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने हाल ही में तुलीराम रोंगहांग (Tuliram Ronghang) को राज्य सरकार में कैबिनेट का दर्जा दिया है।