पड़ोसी राज्य मेघालय के कथित अतिक्रमण प्रयासों पर कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव को अध्यक्ष द्वारा खारिज किए जाने के बाद संयुक्त विपक्ष ने असम विधानसभा से सोमवार को बहिर्गमन किया। विपक्षी दलों ने 26 जुलाई को हिंसक झड़प में असम के सात लोगों के मारे जाने के बाद मिजोरम से लगती सीमा का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट पर सरकार के कार्रवाई न करने पर भी नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के मेघालय के अपने समकक्ष से सीमा विवाद पर हुई चर्चा के बारे में सदन को सूचित न करने को लेकर भी विपक्षी सदस्य नाराज दिखे। कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा ने प्रश्नकाल के बाद स्थगन प्रस्ताव की मांग रखी। उन्होंने उन खबरों का जिक्र किया जिनमें दावा किया गया है कि असम के कामरूप महानगर जिला अंतर्गत गुवाहाटी में खानापाड़ा क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल कर मेघालय सीमा सर्वेक्षण कर रहा है।

एआईयूडीएफ के विधायक फणि तालुकदार ने भी इस मुद्दे का जिक्र किया। विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने हालांकि सथगन प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री पीजूष हजारिका ने सदन को सूचित किया कि ड्रोन सर्वेक्षण कामरूप महानगर जिले के अधिकारियों की अनुमति से किया जा रहा है और यही कवायद असम भी करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि उसकी (ड्रोन सर्वेक्षण) वजह से कोई अतिक्रमण नहीं होगा।’’

हजारिका ने कहा कि विभिन्न पड़ोसी राज्यों द्वारा किए गए अतिक्रमण की मौजूदा स्थिति एक सदस्य के प्रश्न के उत्तर में सदन में रखी गई है। नेता विपक्ष देबब्रत सैकिया और उनके कनिष्ठ रकीबुल हुसैन ने कहा कि इस तरह के ‘‘संवेदनशील मुद्दे’’ पर बयान देने की जगह मंत्री उत्तर का उल्लेख कर रहे हैं जो दुर्भाग्यूपर्ण है। हजारिका ने बाद में कहा कि सरकार मेघालय द्वारा किए गए ड्रोन सर्वेक्षण पर बयान देना चाहती है। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों से सदन में रहने को कहा। हालांकि, कांग्रेस, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और एक निर्दलीय विधायक वाले संयुक्त विपक्ष ने विधानसभा से बहिर्गमन किया।