असम पुलिस ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में नकदी लेकर ज्यादा अंक देने संबंधी घोटाले का पर्दाफाश करते हुए इस संबंध में कामरुप जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि पुलिस ने नकदी के बदले अंक घोटाले में संलिप्तता के आरोप में राज्य बोर्ड के समन्वयक और स्कूल इंस्पेक्टर सहित चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

कामरुप जिले के पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी रॉय ने कहा कि माजोरटॉप उच्चतर माध्यमिक स्कूल, गोरोईमारी के प्राचार्य अक्कास अली और इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स में कार्यालय सहायक प्रशांत दास को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कामरुप जिले के इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल माधब डेका, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, असम के समन्वयक पुलपाही नाथ, गोरोईमारी आंचलिक कन्या उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक हबीबुर रहमान और डेका के कार्यालय के कर्मचारी सिबेस्वर कलिता को इस रैकेट में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया।

रॉय ने कहा, ‘हम अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने के लिए सभी छह आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए चार लोगों की संलिप्तता का ठोस साक्ष्य मिलने के बाद हम उसी आधार पर कार्रवाई करेंगे।’ इस संबंध में चांगसारी थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। रॉय ने कहा कि कामरुप जिला पुलिस को कुछ दिन पहले ही ‘अंक घोटाले’ की सूचना मिली थी और उसकी जांच की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, करीब 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने शनिवार को इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स के कार्यालय पर छापा मारा और कई दस्तावेज, अंकपत्र, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बिना हिसाब की नकदी जब्त की। असम पुलिस के सूत्रों ने बताया, ‘पुलिस ने सभी छह लोगों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय लेकर आए, जहां पूछताछ कल देर रात तक चली। यह गिरोह धन के बदले 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में ज्यादा अंक दिया करता था।’ पुलिस ने छायगांव और कामरुप जिलों में स्थित दो स्कूलों से काफी दस्तावेज बरामद किये हैं।