मानव बलि देने के रिवाज को कब की देश में खत्म कर दिया गया है। लेकिन कई लोगो है जो अभी मानव बलि देते हैं। इस तरह का मामला असम राज्य के शिवसागर जिले में सामने आया है। जहां पुलिस ने शिवसागर जिले के डिमामुख इलाके से दो भाइयों जमीरुल हुसैन और सरफुल हुसैन को उनके बेटे सहित चार नाबालिग लड़कों की बलि देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि वे को अपने घर के परिसर में एक आम के पेड़ के नीचे छिपे हुए कुछ खजाने के बारे में जानने की उम्मीद में लड़कों की बलि देने की तैयारी कर रहे थे।


शिवसागर शिवसागर में दोनों ने कथित तौर पर मोरन और एक अन्य की सलाह पर मानव बलि देने की कोशिश की थी। उन्हें उनकी बहन आइशा बेगम द्वारा दुष्कर्म में सहायता प्रदान की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना की जानकारी होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भाइयों का सामना किया है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वास्तव में छिपे हुए खजाने को प्राप्त करने के लिए गांव के तीन अन्य नाबालिग लड़कों के साथ अपने बेटे की बलि देने की तैयारी कर रहे थे।


ग्रामीणों ने सौंपा उन्हें पुलिस को सौंप दिया। हालांकि उनसे कई बार पूछताछ की गई है, लेकिन पुलिस अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उनके खिलाफ अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। गुप्त सूचना के मुताबिक ही पुलिस ने इन लोगों को ही गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि हमने आरोपियों से पूछताछ की है और मानव बलि के कोण पर जांच जारी है। वैसे मानव रिवाज कोई सालों पहले सरकार ने खत्म कर दिया था।