देश में हिन्दू-मुस्लिम को लेकर कई तरह की राजनीति हो चुकी है और अभी भी इसी को लेकर कई तरह की सियासी मामूलात हो रहे हैं। अभी बता दें कि असम सरकार ने कई मदरसों को बंद करते हुए राज्य के कुछ मदरसों को माध्यमिक स्कूलों में बदलने का फैसला किया है। राज्य के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शिक्षा विभाग से सरकार द्वारा संचालित मदरसों को बंद करने के लिए लिए गए फैसले को निष्पादित करने के लिए एक कैबिनेट ज्ञापन तैयार करने को कहा है।

शिक्षा विभाग ने जिलों से मदरसों और स्वीकृत शिक्षकों की संख्या के बारे में विवरण मांगा है। इसी के साथ खाली पड़े पदों की संख्या के बारे में भी विवरण मांगा है। बता दें कि विभाग इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष रखेगा, जो अंतिम कॉल करेगा। मिनिस्टर सरमा ने पहले घोषणा की थी कि इन जल्द ही बंद किए गए मदरसों के शिक्षकों को अन्य स्कूलों में समायोजित किए जाने की संभावना है।

एक ही संस्थान अगर इसे माध्यमिक विद्यालय में बदल दिया जाए। जानकारी के लिए बता दें कि असम में 401 प्रांतीय मदरसे हैं। राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, असम (एसएमईबीए) के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में चार प्रांतीय अरबी कॉलेज, 14 शीर्षक मदरसे, 133 वरिष्ठ मदरसे और 250 पूर्व-वरिष्ठ मदरसे हैं। अब शिक्षा विभाग इस पर क्या फैसला लेता है इसके बारे में इंतजार किया जा रहा है।