CM सरमा ने कहा कि हाल ही में 47 'लड़के और लड़कियां' ULFA(I) में शामिल हो गए हैं। लेकिन कई वरिष्ठ लोगों ने संगठन छोड़ दिया है। सरमा ने युवाओं को प्रतिबंधित संगठन में शामिल नहीं होने के लिए कहा है।

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असम में एक युवा कांग्रेस नेता ने राजनीति छोड़कर उग्रवादी बनने का फैसला किया है। खबर है कि तिनसुकिया जिले के यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष जनार्दन गोगोई प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (स्वतंत्र)  में शामिल हो गए हैं। उन्होंने इस बात की जानकारी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी है। हाल ही में खबरें आई थी कि बड़ी संख्या में युवा घर छोड़कर उग्रवादी संगठन में शामिल हो रहे हैं।

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गोगोई ने अपनी पत्नी के नाम लिखी एक फेसबुक पोस्ट में बताया कि उन्होंने म्यांमार स्थित संगठन के ठिकाने में ULFA में शामिल हो गए हैं। सादिया शहर के 44 वर्षीय नेता ने पत्नी रीमा के लिए फेसबुक पर लिखा, 'अपने खुद के लोगों को तबाह होते देखने का इंतजार नहीं कर सकता, क्योंकि वे अपने ही राज्य में असहाय हैं... हमारी संस्कृति, हमारी भाषा और पहचान को व्यवस्थित तरीके से मिटाया जा रहा है।'

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राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हाल ही में 47 'लड़के और लड़कियां' ULFA(I) में शामिल हो गए हैं। लेकिन कई वरिष्ठ लोगों ने संगठन छोड़ दिया है। सरमा ने समय-समय पर युवाओं को प्रतिबंधित संगठन में शामिल नहीं होने के लिए कहा है। डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने आशंका जताई है कि कई गायब युवा ULFA-I विद्रोही बन गए हैं।

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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि बेरोजगारी के चलते लोग परेशान होकर उग्रवादी बन रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का कहना है कि ULFA-I  युवाओं को लुभाने के लिए फेसबुक और यूट्यूब जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, परेश बरुआ ने भर्तियों के लिए किसी तरह का अभियान चलाने की बात से इनकार किया है।