असम में भर्ती घोटाले के सिलसिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुमार संजीत कृष्ण को पूछताछ के लिए तलब किए जाने के बाद उनके भाई असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्ण ने मंगलवार को कहा कि कानून अपना काम करेगा। मुख्य सचिव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनका नाम किन्हीं उद्देश्यों के साथ इस विवाद में घसीटा जा रहा है। 

उन्होंने कहा, 'मेरा भाई एक स्वतंत्र व्यक्ति है जो एक अलग पेशे में है। अगर उसने कुछ गलत किया है, तो कानून सबूतों के आधार पर अपना काम करेगा।' उन्होंने कहा, 'मुख्य सचिव के रूप में, मैं शुरू से ही मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित एक स्वतंत्र और तटस्थ जांच का समर्थन कर रहा हूं और मुझे विश्वास है कि जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी।'

करीमगंज के पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात असम पुलिस सेवा के अधिकारी संजीत कृष्ण को रविवार को बारपेटा में विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के एसपी के रूप में स्थानांतरित किया गया। स्थानीय प्रेस ने बताया कि स्थानांतरण के बाद उन्हें करीमगंज के अतिरिक्त एसपी प्रशांत कुमार दत्ता के साथ सीआईडी ने उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया है। 

हालांकि, अधिकारियों को अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है कि उन्होंने दोनों पुलिस अधिकारियों को तलब किया है या नहीं। मुख्य सचिव ने कहा, 'मुझपर कई बार पहले भी बिना किसी गलती के कीचड़ उछाला जा चुका है, लेकिन इस बार मेरा नाम, फोटो आदि मीडिया में क्यों उछाला जा रहा है। यह अपमानजनक है।' 

पेपर लीक होने के मामले में अब तक सेवानिवृत्त असम पुलिस डीआईजी पीके दत्ता सहित 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 20 सितंबर को, असम पुलिस उप-निरीक्षक के 597 पदों के लिए लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो गया था और राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड (एसएलपीआरबी) ने परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद इसे रद्द कर दिया था।