पिछले कुछ दिनों से रुक-रक कर हो रही बरसात के चलते एक बार पुनः महानगर में भूस्खलन का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में रविवार की तड़के जोराबाट में हुए भूस्खलन में दो युवकों की मौत हो गईं इस घटना से इलाके में मातम का माहौल पसरा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महानगर के समीपवर्ती जोराबाट पुलिस चौकी अंतर्गत आमभेर गांव में रविवार की तड़के करीब 3:30 बजे पहाड़ की मिट्टी भरभरा कर एक घर के ऊपर गिर पड़ी। इलाके के रहने वाले मून दास नामक व्यक्ति के घर पर सो रहे मोहन घिमिरे एवं विशाल प्रधान की इस हादसे में मौत हो गई। दरअसल मकान मालिक का बेटा अपने दो अन्य साथियों के साथ घर में सो रहा था।

इसी दौरान रात को हुई भारी बरसात के चलते पहाड़ की मिट्टी घर पर खिसक कर गिर गई, जिसके चलते दोनों युवक उसमें दब गए। हालांकि मकान मालिक का बेटा बाल-बाल बच गया। इलाके में हुए भूस्खलन की खबर स्थानीय पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और बचाव एवं राहत कार्य के लिए सोनापुर से अग्निशमन विभाग सहित एसडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। 

2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे दोनों युवकों को बाहर निकाला गया, जिनकी तब तक मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक मोहन जोराबाट स्थित एक होटल में काम करता है, जबकि विशाल प्रधान जोराबाट के समीपवर्ती मेघालय में रहता है। पुलिस ने दोनों के शवों का पंचनामा कर अंत्यपरीक्षण के लिए जीएमसीएच भेज दिया है।

इस घटना से इलाके में शोक की लहर है। वहीं कुछ सप्ताह पहले कामरूप मेट्रो के जिला उपायुक्त द्वारा पहाड़ों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया था। बरसात के चलते पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का दौर जारी है। महानगर में अब तक भूस्खलन से 4 से अधिक लोगों की मौत होने की खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अबभी अधिकांश लोग पहाड़ी इलाकों में ही रह रहे जो कोई बड़ी मुसीबत को दावत दे सकता है।