झारखंड के स्वयं सहायता समूहों की दीदियां जल्द ही असम में चाय बागानों में जाकर वहां काम करने वाली झारखंड की महिलाओं को प्रशिक्षण देंगी। वहां महिला समूह का गठन कर झारखंड की दीदियां चाय बागानों की महिलाओं को समूह संचालन की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराएंगी। स्वरोजगार से लेकर स्वच्छता, स्वास्थ्य तथा कृषि से जुड़े अभियानों में झारखंड की सखी मंडल की दीदियों का शानदार उपलब्धियों के कारण देश के अन्य राज्य भी धीरे-धीरे यहां के मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं।


झारखंड आजीविका मिशन के सीईओ राजीव कुमार ने बताया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) जल्द ही असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को तकनीकी मदद मुहैया कराएगा। राजीव कुमार ने शुक्रवार को असम राज्य की आजीविका मिशन की टीम की मिशन डायरेक्टर कृष्णा बरुआ से मुलाकात के क्रम में यह भरोसा दिलाया।


असम राज्य आजीविका मिशन की टीम पिछले चार दिनों से झारखंड में है। इस क्रम में वहां की टीम ने विभिन्न जिलों का दौरा कर झारखंड में सखी मंडल की दीदियों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों को देखा व समझा। जेएसएलपीएस के सीईओ राजीव कुमार ने असम की टीम को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।


इससे पहले स्वच्छ भारत अभियान के दौरान शौचालय निर्माण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य व जागरूकता से जुड़ी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने में झारखंड की सखी मंडल की दीदियों ने अहम भूमिका निभाई है। कृषि, पशुपालन से लेकर छोटे-छोटे उद्योग-व्यवसाय से जुड़कर इन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखी है।