पश्चिम बंगाल और असम में होने वाला विधानसभा चुनाव के लिए झारखंड पुलिस के जवान भेजे जा रहे हैं। वहां 23 इको कंपनियों की तैनाती की गई। राज्य पुलिस के जवानों को भेजने के लिए पुलिस एसोसिएशन की मांग पर आरक्षित श्रेणी का बर्थ उपलब्ध करवाया गया। झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के तरफ से मांग की गई थी जिसे मान लिया गया है। झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा की पहल पर असम में होने वाले विधानसभा चुनाव में जवानों को स्लीपर बोगी में भेजा गया।

एसोसिएशन ने डीजीपी नीरज सिन्हा को पत्र लिख कर गुहार लगाई थी कि झारखंड पुलिस के जवान दूसरे राज्यों में चुनाव ड्यूटी में भेजे जाते हैं तो उनके लिए जरनल बोगी लगाई जाती है, जो जवानों की संख्या के अनुरूप नहीं होता है। ऐसे में जवानों को फर्श पर सोना पड़ता है। मेंस एसोसिएशन ने डीजीपी को लिखे पत्र में बताया है कि चुनाव कार्य के लिए ही झारखंड पुलिस के साथ जाने वाले सीआरपीएफ जवानों के लिए स्लीपर बोगी लगाई जाती है। ऐसे में झारखंड पुलिस के जवानों को भारी कठिनाई से जूझना पड़ता है। एसोसिएशन ने मांग की थी कि बाहरी राज्यों में चुनाव में जाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी आरक्षित बर्थ की बोगी लगाई जाए।

झारखंड आर्म्स फोर्स आइआरबी बटालियन की 23 इको कंपनियों की तैनाती असम राज्य विधानसभा चुनाव में की जा रही है। चुनाव कार्य कराने के लिए असम में झारखंड पुलिस के 1564 सिपाही- हवलदारों को बाहर यहां से भेजा गया है। सभी गुरुवार की देर रात रवाना कर दिए गए हैं। राज्य पुलिस मेंस एसोसिएशन ने डीजीपी व जैप एडीजी से मांग की थी कि असम में चुनाव ड्यूटी में जाने वाले जवानों को पांच हजार की दर से अग्रिम भोज्य भत्ता भी दें। मेंस एसोसिएशन का तर्क है कि बाहर जाने पर जवानों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उन्हें अग्रिम भोज्य भत्ता देना जरूरी है। इसके लिए कमांडेंट स्तर के अधिकारियों को निर्देश देने की मांग मेंस एसोसिएशन ने की है।