गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम सरकार से कहा है कि वह राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत लाभ बांटने में हुई अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे। राज्य सरकार ने पूर्व में उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि लगभग 12 लाख अपात्र किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख योजना के तहत लाभ मिला है। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अमगुरी नब निर्माण समिति द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश आर एम छाया और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार को दोषी अधिकारियों के खिलाफ ‘‘उचित कार्रवाई’’ शुरू करने की आवश्यकता है।

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पीठ ने अपने आदेश में कहा, राज्य सरकार उपयुक्त लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करेगी। प्रतिवादी प्राधिकरण योजना को अक्षरशः और कानून के अनुसार लागू करेगा। अदालत ने असम सरकार को 2020 में तत्कालीन मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ द्वारा तैयार की गई एक सदस्यीय जांच रिपोर्ट पर भी विचार करने का निर्देश दिया। बरुआ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, कृषि विभाग के संयुक्त सचिव गुनजीत कश्यप ने फरवरी में एक हलफनामे में अदालत को सूचित किया कि 11.72 लाख अपात्र लोगों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, यह भी रिकॉर्ड में लाया गया है कि 16 जिला कृषि अधिकारी और 98 कृषि विकास अधिकारी विभागीय जांच के अधीन हैं। पीठ ने कहा कि इसके अलावा, बंगाईगांव जिले के जिला कृषि अधिकारी द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फर्जी तरीके से 734 लोगों को पोर्टल से जोड़ा था।

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वर्ष 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो 2,000 रुपये की तीन समान किस्त में देय है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है। पिछले साल चार अगस्त को असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा को बताया था कि राज्य भर में कुल 23,33,864 किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पिछले साल 20 जुलाई को संसद को सूचित किया था कि केंद्र को 15 जुलाई, 2021 तक पीएम-किसान योजना के लिए पंजीकृत 42.16 लाख अपात्र लाभार्थी किसानों से 2,992.75 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, जिसमें सबसे अधिक राशि असम से वसूल की जानी है। तोमर ने कहा था, इस कुल राशि में से असम में 8.35 लाख अपात्र किसानों से 554.01 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है।