असम के पुलिस महानिदेशक (DGP) भास्कर ज्योति महंत (Bhaskar Jyoti Mahanta) ने संबोधित करते हुए कहा कि "समाज के सभी वर्गों के लोगों द्वारा कानून (rule) का पालन किया जाना चाहिए और लोगों को उनकी कार्रवाई की आलोचना करने के बजाय कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पुलिस को हर तरह का सहयोग देना चाहिए।"

बैठक में अपराध संबंधी गतिविधियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। DGP महंत (Bhaskar Jyoti Mahanta) ने इन जिलों के विभिन्न थानों में लंबित मामलों का जायजा भी लिया और मामले के लंबित रहने के कारणों का भी जायजा लिया। उन्होंने उन पुलिस थानों का भी आकलन किया जहां सबसे ज्यादा मामले लंबित हैं।
डिब्रूगढ़ में यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, DGP महंत ने कहा कि "असम पुलिस (Assam Police) को देश के आपराधिक और नागरिक कानूनों के बारे में अपने ज्ञान को उन्नत करना चाहिए और केस डायरी कैसे लिखना चाहिए। वास्तव में, असम पुलिस को सभी पहलुओं में होशियार होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों से निपटने में पुलिस को अधिक मानवीय और संवेदनशील होना चाहिए।