असम (Assam) के सिलचर रेलवे स्टेशन (Silchar Railway Station) के बाहर असमिया भाषा (Assamese language) में लगाई गई होर्डिंग पर काली स्याही पोतने का मामला सामने आया जिससे नाराज यहां के स्थानीय संगठनों ने प्राथमिकी दर्ज करा दी। यह होर्डिंग राज्य सरकार की थी।  भाजपा (BJP) ने 'तीसरी ताकतों' पर भाषा के आधार पर लोगों को विभाजित करने का आरोप लगाया है।

कछार की पुलिस अधीक्षक रमनदीप कौर ने बताया कि जल जीवन मिशन के अधिकारियों द्वारा इस सिलसिले में शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर सिलचर पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज की गई है। जांच के बाद अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। 36 लाख की आबादी वाली बराक घाटी में 1960 से सरकारी साइनपोस्ट और होर्डिग्स पर बांग्ला समेत तीन भाषाओं में लिखा जाता है जो इस क्षेत्र की प्रमुख भाषा है। लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल जीवन मिशन ने इस होर्डिग को सिर्फ असमिया भाषा (Assamese language) में लिखा था।

भाजपा (BJP) प्रवक्ता रामकृष्ण घोष और रंजीब कुमार शर्मा ने गुवाहाटी में एक संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस, वाम दल और कट्टरपंथी समूह अंग्रेजों की 'विभाजित करो और राज करो' की नीति का इस्तेमाल करके वर्षो से असमिया और बांग्ला भाषी लोगों के बीच विभाजन की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'तीसरी ताकतें' राज्य की शांति और सद्भाव को बिगाड़ना चाहती हैं। होर्डिग पर काली स्याही पोतने का आरोप बराक डेमोक्रेटिक युवा फ्रंट और आल बंगाली स्टूडेंट्स यूथ आर्गनाइजेशन पर लगा है।

असम में अब कोरोना संक्रमण (Corona infection in Assam) के मामलों में भी कमी आई है। मंगलवार सुबह यहां 298 नए संक्रमितों की पहचान हुई और 7 संक्रमितों की मौत हो गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक राज्य में कुल संक्रमण के मामलों का आंकड़ा 6,06,766 हो गया है जिसमें से 2,114 सक्रिय मामले हैं। अब तक राज्य में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वालों का आंकड़ा 5,97,348 हो चुका है और इससे मरने वालों की संख्या 5,957 है।