असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य में मूल निवासी असमिया मुस्लिम आबादी प्रवासी मुस्लिम आबादी के साथ 'मिश्रित' नहीं होना चाहती है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "असम में स्वदेशी असमिया मुस्लिम समुदाय की अलग संस्कृति और उत्पत्ति है जिसका पिछले 200 वर्षों में प्रवास का कोई इतिहास नहीं है।

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सीएम सरमा ने कहा, "स्वदेशी असमिया मुस्लिम समुदाय प्रवासी मुसलमानों के साथ घुलना-मिलना नहीं चाहता और उन्हें एक अलग पहचान दी जानी चाहिए।" असम के मुख्यमंत्री इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए गठित एक उप-समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर बोल रहे थे।

सीएम सरमा ने बताया कि उप-समिति द्वारा हाल ही में सौंपी गई रिपोर्ट पर असम सरकार को अभी अंतिम निर्णय लेना है। उन्होंने कहा कि असम सरकार रिपोर्ट के आधार पर राज्य में स्वदेशी और प्रवासी मुसलमानों की पहचान को अधिसूचित करने पर निर्णय लेगी।

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 सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “राज्य सरकार भविष्य के संबंध में निर्णय लेगी कि कौन एक स्वदेशी असमिया मुस्लिम है और कौन एक प्रवासी मुस्लिम है। असम में इसका कोई विरोध नहीं है।