भारत देश में कई अद्भुत चीजें है, जिनमें से देश का सबसे लंबा रेल मार्ग भी शामिल हैं। यह इतना लंबा है कि 9 राज्यों से गुजरता हुआ 4 हजार किलोमीटर की दूरी तय करता है। यह भारत के आखिरी छोर कन्याकुमारी से लेकर उत्तरपूर्व भारत के असम राज्य के डिब्रूगढ़ तक फैला हुआ है। विवेक एक्सप्रेस इस रेलवे मार्ग पर दौड़ती है और पूरे रूट को कवर करती है।



इस ट्रेन को 2013 से शुरू किया गया था। ये ट्रेन लगभग 55 स्टॉप्स पर रुकती है और अपना सफर पूरा करती है। जब Covid के आने के बाद 2020 में पहली बार देश में लॉकडाउन लगा था, तब अपना ऑपरेशन बंद करने वाली आखिरी ट्रेन विवेक एक्सप्रेस ही थी। हर रोज ना जाने कितने लोग ट्रेन से सफर करते हैं लेकिन बहुत से लोगों को भारतीय रेल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। आपको बता दें कि दुनिया का सबसे लंबा रेल मार्ग रूस (Russia) में है।

 


दुनिया का सबसे लंबा रेल मार्ग
World's Longest Train Route को तय करने में लगभग 6 दिन लगते हैं। इस मार्ग की लंबाई 9,000 किलोमीटर से भी ज्यादा है। मास्को से शुरू होकर ट्रेन व्लादिवोस्तोक तक जाती है। अगर इस मार्ग की तुलना भारत के सबसे लंबे रेल मार्ग से की जाए तो आपको पता चलेगा कि ये मार्ग तो बिल्कुल डबल लंबाई तय करता है। आपको बता दें कि पहला भाप वाला इंजन ब्रिटेन में प्रेजेंट किया गया था।


घोड़े द्वारा चलाई वाली ट्रेन

अमेरिका की लोकोमोटिव ट्रेन को घोड़े द्वारा चलाई वाली ट्रेन से मुंह की खानी पड़ी थी। भाप इंजन में लगी एक बेल्ट के टूट जाने के कारण ये रेस घोड़े वाली ट्रेन जीत गई। सिविल वॉर के दौरान भी ट्रेनों ने काफी महत्वपूर्ण रोल निभाया था।  बता दें कि रिचर्ड ट्रेविथिक का पहला भाप वाला इंजन लगभग 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चला था।