असम में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी टीम सक्रिय हो गई है। असम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के फार्मूले पर काम करते दिखाई दिए। यहां बूथ में जाकर कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट का पाठ पढ़ाया और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर आम जनता का मन टोला। असम प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के आधे-अधूरे वादों और दो मुख्यमंत्री को लेकर निशाना साधा है।

विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, असम के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। परिवर्तन दिख रहा है। भाजपा ने पांच साल में जो वादे किए थे, उसे पूरा नहीं किया। भाजपा ने एनआरसी का मुद्दा उठाया था, कुछ नहीं हुआ। भारत-बांग्लादेश सीमा लॉक नहीं हुई। ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों ओर हाइवे जैसे वादे पूरे नहीं किए गए। असम में 2-2 मुख्यमंत्री हैं, इसलिए नाराजगी भी अधिक है।

केंदीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा, मैं तो श्रेय लेना छोड़ धन्यवाद दिया हूं। यदि विधानसभा में अशासकीय संकल्प आया और उसमें २७ करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी। जबकि आज तक के इतिहास में अशासकीय संकल्प मे राशि की घोषणा नहीं की गई थी। बिलासपुर एयरपोर्ट का मामला था। लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे। हमने लाइसेंस के लिए पहल की, राशि खर्च की, तब जाकर एयरपोर्ट बना है। जनता जानती है किसको श्रेय देना है और किसकों नहीं देना है। अब नामकारण विलास बाई के नाम पर किया है। अब जिसको श्रेय लेना है, वो ले सकता है। मुख्यमंत्री ने रविवार को जोरहाट जिला के तिओक विधानसभा में बूथ स्तर की बैठक में सम्मिलित होकर बूथ ट्रेनिंग संकल्प शिविर का शुभारंभ किया।