असम के नगांव जिले में प्रस्तावित अभयारण्य में हाल ही में 18 हाथियों की मौत के मामले की एक पर्यावरण संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से उचित वैज्ञानिक जांच कराने का आग्रह किया है। पर्यावरण संगठन 'नेचर्स बेकॉन' ने कहा कि प्रदेश के वन मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य की ओर से हाथियों की मौत पर जारी हालिया पोस्टमॉर्टम एवं जांच रिपोर्ट "त्रुटिपूर्ण" प्रतीत होती है।

‘नेचर्स बेकॉन’ के निदेशक सौम्यदीप दत्ता ने मंगलवार को कहा कि एक संगठन के रूप में हम जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "हम मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और 18 जंगली एशियाई हाथियों की मौत के मामले में सच्चाई का पता लगाने के लिये वैज्ञानिक जांच के वास्ते एक नई कमेटी का गठन करने की अपील करते हैं ।"

दत्ता ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की मांग की और कहा कि इसमें एक भूविज्ञानी, विद्युत अभियंता, भारतीय प्राणि सर्वेक्षण के प्रतिनिधि, भारतीय वन्यजीव संस्थान के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और नागरिक समाज समूहों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाये, जो 12 मई को बामुनी पहाड़ में हाथियों की हुयी मौत के मामलों की जांच करेंगे ।

उन्होंने यह भी मांग की कि इस घटना के संबंध में किसी भी तरह के सबूतों को नष्ट करने या छिपाने का अपराध करने वाले को जल्द से जल्द दोषी ठहराया जाना चाहिए।