बंगाल में चुनाव बाद कोरोना से हालात भयावह हो रहे हैं। अधिक मरीज इसलिए सामने नहीं आ रहे क्योंकि प्रति दिन ब्लॉक स्तर पर मात्र 30 आरटीपीसीआर टेस्ट हो रहे हैं, टेस्टिंग बढ़े तो संख्या बढ़ सकती है। कोलकाता में सभी बड़े सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों में कोरोना के बेड फुल हैं। नगर निगम महानगर के सेफ होम्स में 2 हजार से अधिक बेड की व्यवस्था कर रही है, जिसमें वेंटिलेटर की सुविधा होगी। कोलकाता में बेहाला स्थित विद्यासागर स्टेट जनरल अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर तो हैं, लेकिन फ्लो मीटर न होने से दो रोगियों की मौत हो गई।

फ्लो मीटर ऑक्सीजन सिलिंडर में लगता है और इसी से रोगी को जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन दी जाती है। स्वास्थ्य निदेशक अजय चक्रवर्ती फ्लो मीटर का अभाव स्वीकारते हुए कहते हैं, ‘देश और विदेश में टेंडर जारी किया है, अचानक मांग बढ़ने से मिलने में दिक्कत आ रही है।’ एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि एक रोगी को लगाए फ्लो मीटर को निकालकर गंभीर रोगी को लगाना पड़ता है। दूसरी लहर में हर जिले में रोज 500-700 लोग संक्रमित हो रहे हैं। उत्तर 24 परगना सबसे अधिक प्रभावित है। यहां रोज करीब 4 हजार संक्रमित आ रहे हैं। पिछले 10 दिनों में 254 लोगों की मौत हो चुकी है। सीमित मात्रा में टेस्ट होने पर भी राज्य में प्रतिदिन रोगियों की संख्या चार हजार के करीब पहुंच गई है।

ममता सरकार ने दो हफ्ते के लिए लोकल ट्रेनें रोक दी हैं। इसके अलावा दुकान-बाजार सुबह 7 से 10 और शाम 5 से 7 बजे तक खुल कर बंद हो रहे हैं। फैक्ट्रियों, दफ्तरों और प्रतिष्ठानों में 50% कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। पहले चरण का नोटिफिकेशन 2 मार्च को जारी हुआ, इस दिन राज्य में 171 मरीज मिले और दो मौतें हुईं। 9 मार्च को नामांकन के अंतिम दिन 188 नए केस और एक मौत हुई। 29 अप्रैल को मतदान की अंतिम तारीख के दिन 17,403 केस और 89 मौतें हुईं। अभी 100 में से 12 व्यक्ति संक्रमित हैं।

असम में लगातार दूसरी बार सत्ता में आई भाजपा सरकार के सामने इस समय बढ़ते संक्रमण ने चुनौती खड़ी कर दी है। क्योंकि, शहरी इलाकों के साथ गांवों में भी कई मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए गाइडलाइन के तहत कई सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने कहा कि गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज होगा। राज्य में बीते तीन दिन में संक्रमण से 212 लोगों की मौत हुई है। जोरहाट जिला प्रशासन के अनुसार ग्रामीण इलाकों में न केवल मामले बढ़ रहे हैं, बल्कि मौतें भी बढ़ रही है।

वहीं, कामरूप मेट्रो जिले में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। बीते 24 घंटों में राज्य में कुल 6,258 मामले मिले, जिनमें कामरूप के 1,586 मामले थे। इनमें से 85 लोगों की मौत हो गई थी। हाल में गुवाहाटी के सरकारी अस्पताल से इलाज कराकर लौटीं सरोज (बदला हुआ नाम) कहती हैं कि अस्पताल में बुरा हाल है। मरीज बढ़ रहे हैं, पर व्यवस्था ठीक नहीं है। 24 साल के कमल कहते हैं, ‘रोजाना लोगों के मरने की जानकारी मेरे सामने आ रही है, उससे मन में बहुत डर बैठ गया है। मैंने कई दिन पहले 18-45 आयु वर्ग के तहत कोरोना वैक्सीन के लिए पंजीयन कराया था, लेकिन स्लॉट बुक नहीं कर पा रहा हूं। ऐसे तो महीनों तक मेरा नंबर नहीं आएगा।’

शहरी इलाकों में 15 दिनों के लिए सभी सरकारी और निजी दफ्तर, धार्मिक स्थल और साप्ताहिक बाजार बंद कर दिए गए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठान दोपहर 1 बजे बंद करने होंगे। दोपहर 2 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। पहले चरण का नोटिफिकेशन 2 मार्च को जारी हुआ, इस दिन राज्य में 15 मरीज मिले, मौत एक भी नहीं हुई थी। नामांकन के अंतिम दिन 9 मार्च को 22 मरीज मिले, दो मौतें हुईं। 6 अप्रैल को मतदान की अंतिम तारीख के दिन प्रदेश में 92 केस और 2 मौतें हुईं। अभी 100 में से औसतन 13 व्यक्ति संक्रमित हैं।