गुवाहाटी। असम की राजधानी गुवाहाटी से लगभग 250 किलोमीटर पश्चिम में धुबरी में बांग्लादेश की सीमा के पास एक अज्ञात स्थान पर पिछले महीने असामान्य गतिविधि देखी गई, जब 240 युवा एक प्रशिक्षण शिविर के लिए इकट्ठे हुए। हालाँकि, लेकिन यह कोई साधारण शिविर नहीं था। यह सत्र लगभग एक कमांडो प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जैसा था, हालाँकि इसमें हथियारों से कोई वास्तविक गोलीबारी नहीं हुई। यह न पुलिस द्वारा और न ही सशस्त्र बलों द्वारा संचालित किया जा रहा था, बल्कि राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा किया जा रहा था, जो कि प्रवीण तोगड़िया के नेतृत्व वाली अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद की एक शाखा है।

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इसके सत्रों में निकट युद्ध की रणनीति, मार्शल आर्ट, छोटे हथियारों को संभालने की मुख्या बातें, योग, प्रतिकूल परिस्थितियों में अस्तित्व और वैचारिक अभिविन्यास व्याख्यान पर पाठ शामिल थे। कार्यक्रम की निगरानी के लिए दिल्ली में संगठन के मुख्यालय से एक वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंचे, इसके अलावा कई सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों ने सत्रों का प्रबंधन करने के लिए मदद की।

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आपको बता दें की असम में राष्ट्रीय बजरंग दल को 2019 में लॉन्च किया गया था। शिविर के एक प्रतिभागी ने दावा किया कि संगठन ने राज्य के कुल 35 में से असम के 23 जिलों में करीब 50,000 कार्यकर्ताओं की भर्ती की गई है। अधिक कैडरों की भर्ती के प्रयास जारी हैं और उन जिलों में अधिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है, जहां बंगाल मूल के मुसलमानों की उच्च जनसंख्या वृद्धि देखी गई है।