पूर्वोत्तर राज्य असम में हिमंता सरकार जी तोड़ राज्य विकास के लिए जान झोंक रही है। कई मुद्दों को सुलझाने और कई योजनाओं को शुरू कर रही है। हाल ही में सीमा मुद्दों पर मेघालय के साथ सुलझाया गया है और अब मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को लेकर हिमंता सरकार बड़ा एक्शन ले रही है। सरकार के इस फैसले मुस्लिम महिलाओं को बहुत तगड़ा फायदा होने वाला है।  


असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिक हित में बहुविवाह को रोकने के लिए प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया जाना चाहिए। CM सरमा ने कहा कि "अगर समान नागरिक संहिता लागू नहीं होती है, तो बहुविवाह व्यवस्था जारी रहेगी। एक पुरुष 3-4 बार शादी करेगा, जिससे महिला के मौलिक अधिकारों का हनन होगा।"




उन्होंने कहा कि "हमारी मुस्लिम महिलाओं के अधिक हित के लिए समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए।" सरमा ने कहा कि सभी मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कानून जरूरी है।


हिमंता बिस्वा ने कहा कि "मैं जितने भी मुसलमानों से मिला, वे समान रूप से यूसीसी को लागू करना चाहते थे। कोई भी मुस्लिम महिला नहीं चाहती कि उसका पति तीन अन्य पत्नियों को घर लाए। यूसीसी मेरा मुद्दा नहीं है, यह सभी मुस्लिम महिलाओं के लिए एक मुद्दा है। अगर उन्हें न्याय दिया जाना है, तीन तलाक को खत्म करने के बाद यूसीसी लाना होगा।"