असम का मुख्यमंत्री बनने का हेमंत बिस्वा सरमा का सपना अब बीजेपी में पूरा होने जा रहा है। बीजेपी विधायक दल की रविवार को हुई बैठक में नेता चुने जाने के बाद वह सोमवार को 12 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सरमा ने सर्वसम्मति से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, सोनोवाल और अन्य पार्टी नेताओं के आभारी हैं, जिन्होंने राज्य के लोगों की सेवा करने का उन्हें मौका दिया। सरमा लगातार पांचवीं बार जलुकबाड़ी सीट से विधायक निर्वाचित हुए हैं। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन को 75 सीटें मिली हैं। भाजपा को 60 सीटें मिली हैं जबकि उसके गठबंधन साझेदार असम गण परिषद (एजीपी) व यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को क्रमश: नौ और छह सीटें मिली हैं।

हेमंत बिस्वा सरमा ने जुलाई 2014 में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी का दामन थामा था। तब वह कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री थे और मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। उनके साथ करीब 38 विधायक भी थे। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी मांग नजरअंदाज कर दिया था। तब हेमंत बिस्व सरमा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी में शामिल हुए थे। साल 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद तो वह मुख्यमंत्री बनने में सफल नहीं हुए, लेकिन इस बार 2021 के विधानसभा चुनाव में उनकी मेहनत को देखते हुए पार्टी ने निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की जगह उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया। 

श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में सोमवार को दिन में 12 बजे राज्यपाल सरमा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। हालांकि, सरमा के साथ शपथ लेने वाले मंत्रियों के नामों या संख्या की जानकारी नहीं मिल पायी है। राजभवन में निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह, असम गण परिषद के नेता अतुल बोरा और केशव महंत तथा यूपीपीएल के नेता प्रमोद बोरो समेत अन्य नेता मौजूद थे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर लग रही अटकलें भी खत्म हो गयी हैं क्योंकि सोनोवाल और सरमा दोनों को दावेदार माना जा रहा था। बीजेपी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए शनिवार को दिल्ली बुलाया था और ऐसी संभावना है कि सोनोवाल को केंद्र सरकार में स्थान मिलेगा। विधायक दल के नेता के रूप में सरमा का नाम पेश करने वाले सोनोवाल ने कहा, ''नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (नेडा) के संयोजक सरमा मेरे लिये छोटे भाई के समान हैं। मैं उन्हें इस नयी यात्रा के लिये शुभकामनाएं देता हूं। वहीं, सरमा ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती सर्वानंद सोनोवाल 'मार्गदर्शक' बने रहेंगे।