भारतीय जनता पार्टी के नेता और असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने रविवार को कहा है कि वे भारतीय और असमी संस्कृति को बचाने के लिए अतिवादी है। विपक्ष द्वारा उन्हें और एआईयूडीएफ सांसद बदरुद्दीन अजमल को ध्रुवीकरण की राजनीति करने वाले सबसे अतिवादी शख्स कहे जाने पर हेमंत बिस्वा शर्मा ने यह बात कही। मंत्री हेमंत बिस्वा ने कहा कि बहरुद्दीन अजमल समाज सेवा के नाम पर कट्टरपंथी संगठन से पैसा ला रहे हैं। एक व्यक्ति के तौर पर नहीं, लेकिन सांकेतिक तौर पर कुछ लोग हमारे दुश्मन हैं।

असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा कहा कि अगर उन्होंने मुझे ऐसा कहा है तो मैं खुश हूं। मैं भारतीय और असमी संस्कृति बचाने के लिए अतिवादी हूं। अगर किसी ने मुझे यह उपाधि दी है तो उनको मेरा धन्यवाद। वहीं, असम में एक रैली के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीएए को कभी नहीं लागू करने की बात की। इस पर असम के मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि यहां पर कोई भी सीएए पर चर्चा नहीं करता है।

राहुल गांधी के बयानों पर हेमंत बिस्वा शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि आप सोशल मीडिया चेक कर सकते हैं, यहां कोई भी सीएए पर चर्चा नहीं कर रहा है। असम के लोग यहां इस बात की चर्चा करने में व्यस्त हैं कि असम सरकार ने राज्य की बच्चियों को स्कूटी उपहार में दी है। हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि अगर कोई किसी से असम को बचाना ही चाहते हैं तो पहले अप्रवासी मुसलमानों के खिलाफ खड़े हो और यह कहें कि हम असम की संस्कृति को बचाएंगे। गौर हो कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी असम में असम बचाओ यात्रा की शुरुआत कर दी है।