असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि ‘राजनीतिक इस्लाम’ पार्टी द्वारा प्रायोजित है। कर्नाटक के विवादित हिजाब मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने यह आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन्ना की आत्मा कांग्रेस पार्टी में घुस गई है और तुष्टिकरण इसके डीएनए में है। मुख्यमंत्री सरमा विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी का चुनाव प्रचार करने के लिए शुक्रवार को उत्तराखंड में थे।

सरमा ने अपने एक बयान में कहा कि "कभी-कभी वे कहते हैं कि भारत एक राष्ट्र नहीं बल्कि राज्यों का एक संघ है। कभी-कभी मुझे लगता है कि जिन्ना की आत्मा कांग्रेस में प्रवेश कर गई है। कांग्रेस ध्रुवीकरण की राजनीति में प्रवेश कर चुकी है। उनका कहना है कि मदरसों और मुस्लिम विश्वविद्यालय को खोलना सही है। वे यह भी कहते हैं कि हिजाब पहनना सही है। 

मुझे लगता है कि कांग्रेस पांच राज्यों में चुनाव के बाद काफी हद तक खत्म हो जाएगी।” इससे पहले, सरमा ने किच्छा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया जहां उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति कांग्रेस के "डीएनए" में है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को पिछड़ेपन की ओर धकेलने के लिए कांग्रेस मदरसों और हिजाब का समर्थन कर रही है।

सरमा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोट पाने के लिए कांग्रेस ने खुश करने के अथक प्रयास किया है। लेकिन उनकी उन्नति के लिए काम करने के बजाय, पार्टी चाहती है कि मुसलमान पिछड़े रहें। इसलिए मदरसों और हिजाब को बढ़ावा दे रहे हैं। पीएम मोदी देश को विश्व लीडर बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन अन्य लोग हिजाब के बारे में बात कर रहे हैं। जन संबोधन के दौरान सरमा ने भारत के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत को भी याद किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर उत्तराखंड के बेटे और पहले सीडीएस दिवंगत जनरल बिपिन रावत का अपमान किया। साथ ही कांग्रेस ने मेड-इन इंडिया COVID वैक्सीन की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाया।