गुवाहाटी । गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक निर्देश के जरिए अगले 26 दिसंबर के भीतर यूपीपीएल नेता प्रमोद बोड़ो को 'फ्लोर टेस्ट' के जरिए बहुमत साबित करने को कहा है। मालूम हो कि विगत 18 दिसंबर को बीपीएफ के एक लेख आवेदन के आधार पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने बीटीसी गठन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थीतथा साथ ही यथास्थिति बहाल रखने का निर्देश दिया था।

मंगलवार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने बीपीएफ के लेख आवेदन (5650/2020) की दूसरी सुनवाई करते हुए प्रमोद बोड़ो को फ्लोर टेस्ट कर अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि बीटीसी परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले 4/5 सदस्य (मनोनीत) इस फ्लोर टेस्ट में मतदान नहीं कर सकेंगे। चुनाव में जीते पार्षद ही इस फ्लोर टेस्ट में मतदान कर सकेंगे। न्यायालय के निर्देश के अनुसार अब बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) का चयन इस फ्लोर टेस्ट के जरिए ही होगा। साथ ही उप-मुख्य कार्यकारी सदस्य (डिप्टी सीईएम ) का भी चयन इसी प्रक्रिया के तहत

होगी।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय के इस निर्देश से प्रमोद बोड़ो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जबकि, 17 सीटों पर जीत दर्ज कर चुके बीपीएफ तथा इसके प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी ने हुंकार भरी है कि बीटीसी में उनके नेतृत्व में ही सरकार बनेगी।

परिषदीय चुनाव के नतीजों के बाद भी कथित तौर पर भाजपा के दिशा-निर्देश पर यूपीपीएल की अगुवाई में बीटीसी परिषद पर कब्जा जमाने की प्रमोद बोड़ो की कोशिश पर न्यायालय के ताजा निर्देश ने सवालिया निशान लगा दिया है।

हालांकि, परिषद के सीईएम के रूप में प्रमोद बोड़ो और डिप्टी सीईएम के रूप में गोविंद बसुमतारी ने शपथ ली थी। इसके बाद अन्य पांच पार्षदों ने कार्यकारी सदस्य के रूप में शपथ ली थी।