गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने मंगलवार को असम विधानसभा के सचिव की उस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया की बतौर नेता प्रतिपक्ष के पद की मान्यता समाप्त की गई थी। 

सैकिया की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति अचिंत्य माल्ला बुजोर बरुआ ने विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा के सचिव एवं प्रधान सचिव और राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किए। 

सैकिया ने असम विधानसभा के सचिव की ओर से एक जनवरी को जारी अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें देबब्रत सैकिया की बतौर नेता प्रतिपक्ष की मान्यता समाप्त की गई थी। 

आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया था कि 126 सदस्यीय सदन में पार्टी के पास 21 विधायकों की जरूरी संख्या से एक विधायक कम होने के चलते सैकिया नेता प्रतिपक्ष के पद की मान्यता खो चुके हैं।