मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने  कहा कि असम सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षा की एक संकर पद्धति पर विचार कर रहा है, जहां गणित अंग्रेजी और अन्य विषयों को स्थानीय भाषाओं में पढ़ाया जाएगा। अंग्रेजी पढ़ाने के लिए शिक्षा का माध्यम केवल अंग्रेजी भाषा होगी और इसे स्थानीय भाषाओं के साथ नहीं मिलाया जा सकता है।


वर्तमान में, कुछ हिंदी माध्यम के स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माध्यम स्थानीय भाषा है। अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा का माध्यम असमिया है। बोडो क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा के माध्यम के रूप में बोडो है, जबकि बराक घाटी के स्कूलों में शिक्षा के माध्यम के रूप में बंगाली है।
सरमा ने कहा कि हाईब्रिड मॉडल की योजना स्थानीय माध्यम के स्कूलों में छात्रों को अंग्रेजी में अच्छी तरह से वाकिफ बनाने और उन्हें बेहतर नौकरियों के लिए तैयार करने के लिए बनाई जा रही है। वह बुधवार को इस साल के गुणोत्सव की शुरुआत करने के लिए दरांग जिले के सिपाझार में घोड़ाबंधा जूनियर बेसिक स्कूल और बीजे गर्ल्स जूनियर बेसिक स्कूल में बोल रहे थे।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "यदि छात्र असम की सीमाओं से परे काम करना चाहते हैं तो उन्हें अंग्रेजी और हिंदी में धाराप्रवाह बोलने में सक्षम होना चाहिए।" सपायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस साल नलबाड़ी के गॉर्डन हायर सेकेंडरी स्कूल में हाइब्रिड पद्धति शुरू हो गई है।


सरकारी स्कूलों में कुल 187 छात्रों को नए सिरे से प्रवेश मिला और उनमें से कई ने सरकारी स्कूल में शिक्षा के Hybrid model teaching में शामिल होने के लिए अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को छोड़ दिया।


सरमा ने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू को इस संबंध में माता-पिता, अभिभावकों और विभिन्न संगठनों के साथ विचार-विमर्श करने का काम सौंपा गया है। सरमा ने कहा, "अगर हर कोई Hybrid mode पर हमारे प्रस्ताव पर सहमत होता है, तो हम अगले साल एक कदम आगे बढ़ेंगे।"


हिमंता ने बताया कि“इस साल हम पाठ्यक्रम में बदलाव लाना चाहते हैं। हम माता-पिता को अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में भेजने से नहीं रोक सकते। लेकिन असमिया माध्यम के स्कूलों में आधार मजबूत रखते हुए हम अंग्रेजी और गणित अंग्रेजी में पढ़ाना चाहते हैं। बाकी विषयों को असमिया में पढ़ाया जाएगा, ”।