गुवाहाटी: असम सरकार ने आपातकाल के दौरान जेल में बंद 300 से अधिक लोगों को 15,000 रुपये मासिक पेंशन देने का फैसला किया है।

असम के आवास और शहरी मामलों के मंत्री अशोक सिंघल ने कहा कि राज्य सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में उन्हें पेंशन देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि असम सरकार आपातकाल के दौरान जेल में बंद लोगों को 'लोक तंत्र सेनानी' मानती है।

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सिंघल ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान को पहचानने के लिए, असम मंत्रिमंडल ने आज 301 लोगों को मासिक पेंशन देने की मंजूरी दी। उन्हें 15,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यदि व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी पत्नी को राशि मिलेगी और यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी अविवाहित बेटी को यह राशि मिलेगी। 

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सिंघल ने दावा किया कि भारत में कई राज्य आपातकाल के दौरान जेल में बंद लोगों को पेंशन दे रहे हैं, लेकिन असम द्वारा दी जाने वाली राशि सबसे अधिक है। आपातकाल तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 से 1977 तक 21 महीने की अवधि के लिए लगाया गया था।