कोविड-19 के कारण जारी लॉकडाउन में सारी दुनिया का व्यापार ठप पड़ा है। बाजार में पैसा घुम नहीं रहा इसलिए लोगों कई तरह की तकलिफों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह से एक बड़े नुकसान की आशंका के साथ असम चाय उद्योग ने केंद्र से आग्रह किया है कि मंदी के दौरान लगाए गए 50 प्रतिशत के प्रचलित मानक के बजाय चाय बागानों में पूर्ण कार्यबल की अनुमति दे दें।


जैसे कि हम जानते हैं कि उद्योग में मंदी का गहरा असर देखने को मिल रहा है। इसी चिंता में अप्रैल-अंत तक उत्पादन पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान उपज का बेमुश्किल एक-चौथाई ही होगा। भारी नुकसान होने के कारण इसकी रिकवरी में बहुत समय लगेगा। इसलिए केंद्र सरकार से अपील है कि वो चाय बागानों में काम करने की इजाज्त दे दें।
चाय उद्योग एक मालिक ने बताया कि इस साल उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले चाय उत्पादन के लिए पूर्ण कार्यबल की तैनाती बहुत ही जरूरी है। वरना हमें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। जानकारी के लिए बता दें कि राज्य में चाय बागानों ने 15 अप्रैल से अपना संचालन फिर से शुरू कर दिया था, लेकिन महामारी से बचाव के लिए केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों ही वहां काम कर सकते थे।