देशव्यापी तालाबंदी के कारण विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों

और छात्रों के एक बड़े वर्ग सहित असम के लोगों की मदद के लिए असम सरकार

द्वारा एक मुहिम शुरू की गई है। जिसको यानी असम कैरेज कार्यक्रम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। संकट में पड़े लोग हेल्पलाइन को एक मिस्ड कॉल और फिर उनसे सभी आवश्यक जानकारी एकत्र करना।


इसके बाद से फिर डिलीवरी को सुव्यवस्थित करने के लिए एक ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करना ये एक कठिन काम था और हेल्पडेस्क को दिनभर काम करना पड़ता था। खास बात यह रही कि इस सब को सुनिश्चित करने के लिए कि गई जरूरतमंदों की शिकायतें अनुत्तरित या असम्बद्ध नहीं हुईं।


असम सरकार ने अपनी सीमाएं खोल दी। जिससे हजारों की तादाद में लोगों ने प्रवेश किया और अपने घर पहुँच गए हैं। अब सरकार इन लोगों को घर लाने की तैयारी कर रही है जो की देश के की कोनों में रह रहे हैं और घर आना चाहते हैं। इसके लिए प्लेन और ट्रेन की व्यवस्था में सरकार जुटी हुई है।