गुवाहटी उच्च न्यायालय ने असम में बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) चुनाव से संबंधित मामलों में अब राजनीतिक पार्टियों को परिषद में बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुवाहाटी उच्च न्यायालय की एक पीठ ने नवगठित परिषद को यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था, लेकिन अब यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) दोनों पार्टियों को 26 दिसंबर या इससे पहले फ्लोर टेस्ट के माध्यम से परिषद में बहुमत साबित करने के लिये कहा है। 

जानकारी के मुताबिक यूपीपीएल के प्रमोद बोरो के नये बीटीसी प्रमुख के रूप में शपथ लेने के बाद गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर तक बीटीसी सरकार में यथास्थिति का आदेश दिया था। गौरतलब है कि बोडोलैंड में बीपीएफ और यूपीपीएल दोनों अपने आप को एक साथ रखने के लिये सभी संभावित विकल्पों को अपना रहे हैं। 

छठी अनुसूची क्षेत्रों में दलबदल विरोधी कानून की गैर मौजूदगी ने अब बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) में सरकार के गठन के संकट का निपटारा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), यूपीपीएल और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) ने बीटीआर में सरकार बनाने के लिये चुनाव के बाद गठबंधन किया था। चुनाव में तीनों पार्टियों के 24 उम्मीदवार जीते थे। बीपीएफ 17 सीटें जीतने वाली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।