असम के मोरीगांव जिले के भूरागांव में नाबालिग बच्ची के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले के मुख्य आरोपी ने शुक्रवार को तड़के पुलिस की हिरासत से भागने का प्रयास किया और इस दौरान पुलिस द्वारा चलायी गयी गोली लगने से वह घायल हो गया है। मोरीगांव की पुलिस अधीक्षक अपर्णा नटराजन ने बताया कि पुलिस दल आरोपी सैयद अली को मौका-ए-वारदात और मोरीगांव-भूरागांव पीडब्ल्यूडी रोड पर स्थित गासरगौरी लेकर गए थे। वहां जब पुलिस उसे एक कार से दूसरी कार में बैठा रही थी, तभी आरोपी ने भागने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘देर रात करीब दो बजे आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने इस दौरान दो गोलियां चलायीं, जिसमें वह घायल हो गया।’ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घायल आरोपी को गौहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मोरीगांव जिले में नौ साल की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले के मुख्य आरोपी, 65 वर्षीय अली को 27 जून को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता का शव 20 जून को ब्रह्मपुत्र नदी के पास जूट के खेत में मिला। संदेह है कि सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गयी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और राज्य के पुलिस महानिदेशक 25 जून को भूरागांव गए और जांच में हुई प्रगति की समीक्षा की थी। बच्ची के माता-पिता के साथ भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। इससे पहले उत्तराखंड के देहरादून से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें 5 साल की बच्ची के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस को बुधवार की रात रांगड़वाला, प्रेमनगर में झाड़ियों के बीच से बरामद हुई। इस घटना के आरोप में पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले बिहार के निवासी को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक बच्ची के परिजनों ने मंगलवार को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस केस में अपहरण का मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस मासूम की तलाश में जुट गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को यह मालूम चला कि बच्ची को आखिरी बार पड़ोस के रहने वाले चुनमुन मेहतों के साथ दिखाई दी थी।  इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने की बात स्वीकार की।