असम में 23 साल बाद भी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी (Former PM Atal Bihari Vajpayee) का सपना अधूरा है। सन 1998 की बात है जब पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात में सिलचर और पोरबंदर (Silchar and Porbandar) के बीच 3300 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (3300 km long East-West corridor) की घोषणा की थी। यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था। असम के कछार और दीमा हसाओ जिले में बालाचेरा-हरेंगाजाओ के 31 किलोमीटर लंबे हिस्से को छोड़कर अधिकांश पूरा हो चुका है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari) ने पिछले साल असम के सिलचर में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जीरो पॉइंट पर पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की एक प्रतिमा का अनावरण करते हुए घोषणा की थी कि प्रोजेक्ट का काम मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा। 

कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने आश्वासन दिया था कि 31 किमी के लंबित पड़े कार्य को मार्च 2022 से पहले पूरा कर लिया जाएगा और वह फिर से सिलचर में सड़क का उद्घाटन करने आएंगे। दूसरी ओर सड़क बनाने जुटी एजेंसिया दावा कर रही है कि सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने में अप्रैल 2023 तक का समय लग सकता है। 

नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान डेवलपमेंट के साथ, वे 30 अप्रैल, 2023 तक काम पूरा करने के लिए आश्वस्त हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए एनएचआईडीसीएल के मैनेजर संकल्प शंकर ने बताया कि काम चल रहा है और वे लक्ष्य से पहले इसे पूरा करने के लिए आश्वस्त हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर पहले फारेस्ट से जुड़े कुछ मुद्दे थे लेकिन वर्तमान में असम सरकार उन मुद्दों को जल्दी से हल करने में हमारी मदद कर रही है। अगर ऐसे ही मदद मिलता रहा तो निर्माण एजेंसी 30 अप्रैल 202 के भीतर इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। 

शंकर ने यह भी बताया कि 31 किलोमीटर के हिस्से को अब घटाकर 25.25 किमी कर दिया गया है और इसके लिए 31 छोटे और बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे का निर्माण इस तरह से किया जाना चाहिए कि वाहन कम से कम 80 किमी की स्पीड से चल सकें। बीच में पड़ने वाले मोड़ों को ठीक किया जा रहा है और सड़क को एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ी को जोड़ने के लिए 31 पुलों का निर्माण किया जा रहा है।

सिलचर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद डॉ राजदीप रॉय ने हाल ही में दिल्ली में नितिन गडकरी से मुलाकात की और उन्हें ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। रॉय के मुताबिक, नितिन गडकरी एक सर्वे रिपोर्ट चाहते थे और इसके लिए बीजेपी नेताओं के एक दल ने हाल ही में इस निर्माणाधीन सड़क के रास्ते सिलचर से हरेंगानाव की यात्रा की थी।

राजदीप ने कहा कि यह एक स्पेशल प्रोजेक्ट है जो हमारे दिल के बहुत करीब है क्योंकि इसे अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शुरू किया था। लेकिन हमें यह समझना होगा कि हम सड़क बनाने के लिए प्रकृति से लगभग लड़ रहे हैं। सरकार पर्याप्त धन उपलब्ध करा रही है और निर्माण एजेंसियां ​​भी कड़ी मेहनत कर रही हैं। भले ही समय सीमा आगे निकल गई हो, हमें विश्वास है कि कुछ सालों में सड़क का काम पूरा कर लिया जाएगा।