असम में शनिवार को बाढ़ की स्थिति में और सुधार हुआ और मुख्य नदियों के जलस्तर में गिरावट देखी गई। बुलेटिन के अनुसार बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या लगभग एक लाख कम हो गई और इस आपदा से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से कहा गया कि 17 जिलों में 1.76 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों संख्या बढ़कर सात हो गई है। शुक्रवार को 22 जिलों के 2.71 लाख से अधिक लोग प्रभावित थे। एएसडीएमए की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार 42 राजस्व सर्कल और 863 गांव प्रभावित हैं और 23,884 हेक्टेयर भूमि पर फसल नष्ट हो गई है। गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 63,984 लोग प्रभावित हैं। बुलेटिन में बताया गया कि 17 राहत शिविरों में कम से कम 3,397 लोगों ने आश्रय लिया है और 62 अन्य वितरण केंद्र भी संचालित किये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से राज्य में बाढ़ की स्थिति के संबंध में जानकारी ली थी और केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात की और राज्य में बाढ़ की स्थिति के बारे में जाना। स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। मैं प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले भी लोगों की सुरक्षा और कुशलता की कामना करता हूं।

वहीं मुख्यमंत्री सरमा ने भी प्रधानमंत्री से बात करने की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने आज फोन पर बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की और इस आपदा से निपटने के लिए असम को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। सरमा ने कहा कि इस बाढ़ ने लोगों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। संकट के इस समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं। असम के कई हिस्से बाढ़ से अभी भी बुरी तरह से प्रभावित हैं।