असम में बाढ़ के हालात में सुधार के कोई संकेत नहीं मिल रहे। राज्य के तीन जिलों में करीब 14 हजार लोग अब भी बाढ़ से जूझ रहे हैं। इससे पहले राज्य के चार जिलों में 9,200 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे। बताया जा रहा है कि धेमाजी, बकसा और मोरीगांव जिलों में 13,800 से अधिक लोग बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इसी तरह धेमाजी में 12,000 से अधिक लोग बाढ़ के कारण पीड़ित हैं। 

बकसा में 1,000 और मोरीगांव में 800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 136 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 110 लोग बाढ़ जनित हादसों में मारे गए और 26 लोगों की मौत भूस्खलन में हो गई। फिलहाल 89 गांव जलमग्न हैं और पूरे राज्य में 5,984 हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई है।

बताया जा रहा है कि धेमाजी जिले के राहत शिविर में 73 लोगों ने शरण ले रखी है। जोरहाट जिले के निमतीघाट में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं इसकी सहायक जिया भराली सोनितपुर के एनटी रोड क्रॉसिंग में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बोंगईगांव, कोकराझार और बकसा जिलों में बाढ़ के कारण तटबंध, सडक़ें, पुल और पुलिया आदि टूट गए हैं।