पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ का प्रकोप जारी है। बाढ़ के चलते 3 और लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 107 तक पहुंच गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन के अनुसार, बारपेटा, कोकराझार और कामरूप में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। मई के बाद राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन से 26 और लोग मारे गए हैं।

एएसडीएमए बुलेटिन की माने तो राज्य के 33 जिलों में से 21 जिलों के 1,536 गांवों में रहने वाले लगभग 16.5 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से विस्थापित 37,000 से ज़्यादा लोग अभी भी 208 राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। राज्य में लगभग 93,000 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें अब भी बाढ़ के कारण बर्बाद हो रही हैं। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार ब्रह्मपुत्र, धनसिरी, जिया भराली और कोपिली नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बहती रहीं। 

मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लखीमपुर के ढाकुखाना में चिरोरिया नदी पर बने एक तटबंध का निरीक्षण किया। सोनोवाल ने ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी, जिहाद नदी स्थल का भी दौरा किया जहां बाढ़ से भारी क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा “ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी जिआधाल नदी ने वर्तमान में बाढ़ के दौरान भारी क्षति पहुंचाई है। धेमाजी जिले में भुजगांव में सहयोगियों के साथ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित की" गोलपारा सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला जिला है, जहां 4.19 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. जिसके बाद मोरीगांव में 2.63 लाख से अधिक लोग और दक्षिण सलमारा में लगभग 2.50 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं.