मिर्च जैसी फसलों के पौधों को खेत में लगाने के बाद कुछ दिनों तक खास देखभाल की जरूरत होती है, कई किसान तो बांस लगाकर तो कई किसान लो टनल पॉली हाउस भी लगाते हैं, जो काफी खर्चीले होते हैं। ऐसे किसानों को राजिब बोरा का यह देसी जुगाड़ अपनाना चाहिए।

असम में भूत झोलकिया मिर्च (bhoot Jholkia Chilli in Assam) की खेती करने वाले किसान राजिब बोरा (41 वर्ष) ने मिर्च के पौधे खेत में लगाने के साथ ही पौधों के बगल में केले का तना लगा दिया है, जिससे पौधा सूरज की तेज रोशनी औरा हवाओं में भी सुरक्षित रहता है।

राजिब बोरा असम के गोहपुर जिले की घागरा बस्ती गाँव के रहने वाले किसान हैं और भूत झोलकिया मिर्च की खेती करते हैं। राजिब बताते हैं, "नर्सरी से मिर्च के पौधे निकालने के बाद इन्हें खेत में लगाते हैं, पौधे लगाने के बाद 5-7 दिनों तक इन्हें खास देखभाल की जरूरत होती है, अगर इन दिनों में आपने पौधा बचा लिया तो समझिए पौधे को आगे नुकसान नहीं होगा।"

वो आगे कहते हैं, "इसलिए हम लोग मिर्च का पौधा लगाने के साथ ही उसके बगल में केले के तना भी गाड़ देते हैं। इसके दो फायदें हैं एक तो सूरज की तेज रोशनी में भी पौधे बचे रहेंगे और तनों में नमी भी रहती है, जो नए पौधे के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होते हैं।"

राजिब ने इस बार 4 बीघा (1.3 एकड़) में भूत झोलकिया मिर्च लगायी है, राजिब के अनुसार अभी तक लगभग 55-60 हजार रुपए की लागत आयी है, आगे अभी और खर्च होगा। लेकिन केले के तने को लगाने से कुछ खर्च बच जाता है।